सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

बातों ही बातों में इकरार हो गया-Hindi shayari

बातों ही बातों में इकरार हो गया मन की ख्वाहिशों का इजहार हो गया दूर रहना एक पल भी गवारा नहीं है सुरूर बनकर दिल पर छा गई हो मुझे प्यार हो गया है

मुझे प्यार का नशा इस कदर चढ़ गया है हर वक्त ख्वाबों खयालों में रहने लगी हो मेरी खुशियां आसमान छूने लगेगी एक बार कह दो मुझे प्यार करने लगी हो

वाकिफ दिल की हकीकत से हो गया हूं आजकल मन की गहराई के दीदार में खो गया हूं इस फिराक में हूं कोई इशारा मिले मेरे अरमान पूरे हो जाए

मुझे प्यार होने लगा है मन में खुशियों का संचार होने लगा है तुमसे मुलाकात के बाद यकीन हो गया है जो तुम चाहती हो वह मैं चाहता हूंं

प्यार में खुशियों की सौगात चाहता हूं अपनी ख्वाहिशों का इजहार करने को मुलाकात चाहता हूं हमसफर बनकर उम्र भर आपका प्यार चाहता हूं

उनसे बेतहाशा प्यार करने लगा हूं हर जरूरत का ध्यान रखने लगा हूं अपनी उदास जिंदगी में खुशियों का रंग भरने लगा हूं

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिल को छू लेने वाली नई लव शायरी इमेज | heart touching love shayari images 2025

2025 की सबसे खूबसूरत दिल को छू लेने वाली शायरी इमेज यहां देखें और पढ़ें नई शायरी का जबरदस्त कलेक्शन। अब तेरे बिना जीना मुश्किल लगता है करीब रहकर हर लम्हा खास लगता है हर धड़कन पर तेरा नाम है ये मेरी लत कह रही है तुमसे प्यार बेहिसाब लगता है। तुम्हें ख्वाबों की तरह पलकों पर सजाया है तुम अनजान हो इस हकीकत  से, तुम्हें ख़ुदा की तरह चाहा है। तेरी मुस्कान मेरी सबसे बड़ी दौलत है तुझपर कुर्बान कर दू जो अपनी शोहरत है। अगर शायरी पसंद आई हो तो इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर करें।

Love shayari images

लव शायरी फोटो 

Best Hindi Shayari 2026 | दर्द, मोहब्बत, वफ़ा, तकरार और रोमांटिक शायरी

1. तकरार में छिपी मोहब्बत की शायरी वो तकरार करती है मगर रिश्ता नहीं तोड़ती हर बात पर रूठती है मगर साथ नहीं छोड़ती शायद यही अंदाज ए मोहब्बत है उसकी लफ्जों से लड़ती है मगर दिल से नाता नहीं तोड़ती 2. वफ़ा के नाम पर मिले दर्द की शायरी हर दफा मेरे जख्मों पर मरहम लगा कर राहत का वहम देती रही दर्द भी उसी का था फिर भी मोहब्बत की कसमें देती रही मैं हर बार उसकी साजिशों को वफा समझता रहा और वो मुस्कुराहट में मुझे नया सितम देती रहीं  3. शक और वफ़ा पर दिल छू लेने वाली शायरी उसके शक हर दफा कटघरे में खड़ा किया है हमने हर इल्जाम को हंसकर अपने सर लिया है वो हर बार मेरी वफा का हिसाब मांगती रही मगर इश्क की तासीर सबूतों की मोहताज नहीं होती। 4. हक़ जताने वाली मोहब्बत की शायरी वो कुछ यूं हक जताने लगे हैं मुझे अपना बताने लगे हैं जो कल तक खामोश रहते थे आज वही हर बात पर मुस्कुराने लगे हैं 5. मुस्कान और अदाओं पर रोमांटिक शायरी वो मुस्कुराकर अंगड़ाइयां लेती है आजकल मेरे खामोश दिल पर कहर ढाती है आजकल नजरे मिलाकर यूं मासूम बन जाती है और मेरी हर धड़कन को चुरा लेती है आजकल 6. निगाहों के वा...