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यह सच है-shayari sangrah

यह सच है तुम्हारे विरासत सियासत पर मेरा अधिकार हो गया है बहुत नेक दिल हो हमदर्द हो मुझे प्यार हो गया है

इस काबिल नहीं था तुम्हारा प्यार मिल गया है ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कीचड़ में कमल खिल गया है खुद को खुशनसीब महसूस करने लगा है

हर वक्त मोहब्बत का जाम चाहता हूं तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान चाहता हूं अपनी ख्वाहिशों पर, आपके प्यार का छाप चाहता हूं

तुम्हारे प्यार से जिंदगी सचमुच बदल गई है अरमानों की महफिल गिरते-गिरते सही मुकाम पर संभल गई है

हर सपना सच हो गया अब अच्छे से जीते हैं कोई कमी महसूस नहीं होती है बीते दिनों को सोचकर आंखें नम आज भी हो जाती है मगर इसमें खुशियों का मंजर रहता है

सच कह दो मुझसे प्यार करती हो क्यों बात इधर-उधर घुमाते हो अपने दिल की सच्चाई से रूबरू कराने में क्यों देर लगाती हो

प्यार का ख्वाब देखने लगे हैं अपनाने का हर तरीका आजमाने लगे हैं आपका इशारा हां मिला है अपनी मंजिल के करीब आने लगे हैं

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