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Fajihat shayari Sangrah

फजीहत शायरी संग्रह

मैंने माना भूल से गलती हो गई है कितना फजीहत करोगी सोहबत में रहना लंबी उम्र बाकी है फिक्र हो रही है हर कदम साथ कैसे चलोगी

उसको अनायास शक हो गया है बेवजह फजीहत हो गया हूं आजकल वह गुस्से में इस तरह डूबी है मोहब्बत से रुखसत हो गया हूं

मेरे शराफत का नाजायज फायदा उठाकर फजीहत करती हो ऐसा प्रतीत हो रहा है मेरा भ्रम है तुम बेतहाशा प्यार करती हो

दिल में सिर्फ तुम रहती हो शक में बेवजह फजीहत करना छोड़ दो मन की गहराई में अच्छे से झांककर देख लो

बेवफा के मोहब्बत में सरेआम फजीहत हो गया हूं कोई दिल की सादगी में झांकने की कोशिश नहीं किया मुझ पर कुछ लोग इल्जाम डाल रहे थे उसका अच्छे से ख्याल नहीं किया

मेरे फजीहत होने का सफर शुरू हो गया है मुझसे कोई द्वेष भाव रखने वाला, उसको बहका रहा है हम दोनों में दूरियां बढ़ने लगी है और वह करीब आ रहा है

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2025 की सबसे खूबसूरत दिल को छू लेने वाली शायरी इमेज यहां देखें और पढ़ें नई शायरी का जबरदस्त कलेक्शन। अब तेरे बिना जीना मुश्किल लगता है करीब रहकर हर लम्हा खास लगता है हर धड़कन पर तेरा नाम है ये मेरी लत कह रही है तुमसे प्यार बेहिसाब लगता है। तुम्हें ख्वाबों की तरह पलकों पर सजाया है तुम अनजान हो इस हकीकत  से, तुम्हें ख़ुदा की तरह चाहा है। तेरी मुस्कान मेरी सबसे बड़ी दौलत है तुझपर कुर्बान कर दू जो अपनी शोहरत है। अगर शायरी पसंद आई हो तो इसे अपने सोशल मीडिया पर शेयर करें।

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Best Hindi Shayari 2026 | दर्द, मोहब्बत, वफ़ा, तकरार और रोमांटिक शायरी

1. तकरार में छिपी मोहब्बत की शायरी वो तकरार करती है मगर रिश्ता नहीं तोड़ती हर बात पर रूठती है मगर साथ नहीं छोड़ती शायद यही अंदाज ए मोहब्बत है उसकी लफ्जों से लड़ती है मगर दिल से नाता नहीं तोड़ती 2. वफ़ा के नाम पर मिले दर्द की शायरी हर दफा मेरे जख्मों पर मरहम लगा कर राहत का वहम देती रही दर्द भी उसी का था फिर भी मोहब्बत की कसमें देती रही मैं हर बार उसकी साजिशों को वफा समझता रहा और वो मुस्कुराहट में मुझे नया सितम देती रहीं  3. शक और वफ़ा पर दिल छू लेने वाली शायरी उसके शक हर दफा कटघरे में खड़ा किया है हमने हर इल्जाम को हंसकर अपने सर लिया है वो हर बार मेरी वफा का हिसाब मांगती रही मगर इश्क की तासीर सबूतों की मोहताज नहीं होती। 4. हक़ जताने वाली मोहब्बत की शायरी वो कुछ यूं हक जताने लगे हैं मुझे अपना बताने लगे हैं जो कल तक खामोश रहते थे आज वही हर बात पर मुस्कुराने लगे हैं 5. मुस्कान और अदाओं पर रोमांटिक शायरी वो मुस्कुराकर अंगड़ाइयां लेती है आजकल मेरे खामोश दिल पर कहर ढाती है आजकल नजरे मिलाकर यूं मासूम बन जाती है और मेरी हर धड़कन को चुरा लेती है आजकल 6. निगाहों के वा...