1. तकरार में छिपी मोहब्बत की शायरी
वो तकरार करती है मगर रिश्ता नहीं तोड़ती हर बात पर रूठती है मगर साथ नहीं छोड़ती शायद यही अंदाज ए मोहब्बत है उसकी लफ्जों से लड़ती है मगर दिल से नाता नहीं तोड़ती
2. वफ़ा के नाम पर मिले दर्द की शायरी
हर दफा मेरे जख्मों पर मरहम लगा कर राहत का वहम देती रही दर्द भी उसी का था फिर भी मोहब्बत की कसमें देती रही मैं हर बार उसकी साजिशों को वफा समझता रहा और वो मुस्कुराहट में मुझे नया सितम देती रहीं
3. शक और वफ़ा पर दिल छू लेने वाली शायरी
उसके शक हर दफा कटघरे में खड़ा किया है हमने हर इल्जाम को हंसकर अपने सर लिया है वो हर बार मेरी वफा का हिसाब मांगती रही मगर इश्क की तासीर सबूतों की मोहताज नहीं होती।
4. हक़ जताने वाली मोहब्बत की शायरी
वो कुछ यूं हक जताने लगे हैं मुझे अपना बताने लगे हैं जो कल तक खामोश रहते थे आज वही हर बात पर मुस्कुराने लगे हैं
5. मुस्कान और अदाओं पर रोमांटिक शायरी
वो मुस्कुराकर अंगड़ाइयां लेती है आजकल मेरे खामोश दिल पर कहर ढाती है आजकल नजरे मिलाकर यूं मासूम बन जाती है और मेरी हर धड़कन को चुरा लेती है आजकल
6. निगाहों के वार पर दर्द भरी शायरी
आजकल वो अपनी निगाहों से पीट देती है बिना कुछ कहे हर दलील मिटा देती है उसकी खामोशी भी किसी इल्जाम से कम नहीं हर एक नजर मुझे गुनहगार बना देती है
